खादी पहनो,
देश का मान बढ़ाओ!
2 अक्टूबर गांधी जयंती के पावन अवसर पर खादी परिधान में अपनी सेल्फी खींचिए, स्वदेशी का संकल्प लीजिए और तुरंत अपना अधिकृत 'Khadi Pride Certificate' प्राप्त करके व्हाट्सएप पर शेयर कीजिए।
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छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्डकेवल ३ आसान चरणों में भाग लें
कोई लंबा फॉर्म नहीं, कोई जटिल प्रक्रिया नहीं। अपनी खादी सेल्फी क्लिक करें और तुरंत गर्व से भरा सम्मान पत्र पाएं।
खादी पहनें व सेल्फी लें
फ्रंट कैमरा ऑन करें, अपनी पसंदीदा खादी पोशाक में देशभक्ति फ्रेम के साथ एक सुंदर सेल्फी क्लिक करें।
नाम व शहर दर्ज करें
अपना नाम, मोबाइल नंबर और शहर दर्ज करें ताकि आपका आधिकारिक 'Khadi Ambassador' सर्टिफिकेट तैयार हो सके।
सर्टिफिकेट पाएं व शेयर करें
अपनी तस्वीर युक्त एचडी सम्मान पत्र डाउनलोड करें और व्हाट्सएप स्टेटस व सोशल मीडिया पर साझा करें।
खादी क्यों है भारत का गौरव?
खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और करोड़ों ग्रामीण बुनकरों के जीवन की धड़कन है।
बापू की प्रेरणा
महात्मा गांधी ने विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और आत्मनिर्भरता के लिए चरखा और खादी को स्वतंत्रता का प्रतीक बनाया।
बुनकरों का संबल
प्रत्येक खादी वस्त्र की खरीद से सीधे ग्रामीण कारीगरों, कतिनों और हथकरघा बुनकरों के घरों में खुशहाली आती है।
100% पर्यावरण अनुकूल
हाथ से काता और बुना यह प्राकृतिक कपड़ा शून्य कार्बन फुटप्रिंट छोड़ता है तथा सभी मौसमों में आरामदायक रहता है।
'लोकल फॉर वोकल'
आधुनिक भारत का युवा आज गर्व से खादी पहनता है। यह हमारी समृद्ध परंपरा और आधुनिक फैशन का अनुपम संगम है।